Every Little Part


indian woman
Originally uploaded by Arun Kumar Sinha
















कण-कण तुम्हारा




तुम्हें ओढती-ढोलती जाऊँ मैं

गर बिस्तर पर बिछाऊँ मैं

टाँग दूँ अपनी दीवारों पर

नींद अपनी तुम्हें बनाऊँ मैं

कण-कण तुम्हारा हो मुझमें

तुममें डुब-डुबकी लगाऊँ मैं



सुबह मीचे आँख महसूस करूँ

हवा की ठंडक में पाऊँ तुम्हें

तुम्हारी आँख हो मेरे शीशे में

तुम्हें होठों से लगाऊँ मैं

कण-कण तुम्हारा हो मुझमें

तुम्हें कसते-लसते पाऊँ मैं



गीले बालों से छिड़कूं तुम्हें

हवा में चूमती जाऊँ मैं

निकल ना जाओ तुम रहो मुझमें

कमरे में बंद कर जाऊँ मैं


कण-कण तुम्हारा हो मुझमें

तुम्हें झूमती-चूमती जाऊँ मैं

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